आ गया ब्रह्मोस का भी बाप, देख कर थर्राया चीन, पाक की निकली चीख …यहाँ पढ़ें

नई दिल्ली: जैसा हम सभी ब्रह्मोस मिसाइल के बारे में जानते है यह दुनिया की सबसे तेज और बेहतरीन सुपरसोनिक मिसाइल है और इसने भारत के दुश्मनो के नाक में दम कर रखा है, ब्रह्मोस का नाम सुनते ही चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के पसीने छूट जाते है। भारत ने ब्रह्मोस के 3 से भी ज्यादा रेजमेंट की तैनाती चीनी सीमा पर पहले से ही कर राखी है तथा जल और वायु सेना में भी इसकी कुछ अहम् जगहों पर तैनाती हो चुकी है। ऐसे में अगर ब्रह्मोस से भी कहीं ज्यादा तेज और बेहतरीन मिसाइल के विकास की खबर भारत के दुश्मों को लग जाये तो उनके गले सूखने लाजमी हैं।

आपको बता दें, ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम है। भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा नदी के नाम को मिलाकर इस मिसाइल का नाम ब्रह्मोस रखा गया है। ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक (ध्वनि की गति से तेज) क्रूज़ मिसाइल है जिसकी रफ़्तार मैक 2.5 से मैक 3.0 तक है। यानि 3,400–3,700 किलोमीटर प्रति घंटा या कह लें लगभग 1 किलोमीटर प्रति सेकंड। ब्रह्मोस मिसाइल का तोड़ अभी तक दुनिया के किसी भी देश के पास नहीं है इसकी तेज गति के वजह से इसे हवा में नष्ट करना किसी भी मिसाइल के लिए मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है।

“पर हम आप को बता दे, अब भारत एक ऐसी मिसाइल बना रहा है जो की ब्रह्मोस की भी बाप है. “

इससे पहले कि हम आप को उस मिसाइल के बारे में बताएं, चलिए पहले आप को ब्रह्मोस की कुछ खूबियों के बारे में जानकारी दे देतें है.

1. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसको नभ, थल और जल तीनो जगह से प्रयोग में लाया जा सकता है. इसे पनडुब्बी से दागने के लिए भी सफल परीक्षण किए जा चुके हैं।

2. ब्रह्मोस मिसाइल की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह न्यूक्लियर वॉर हेड (परमाणु बम) लें जाने में सक्षम है।

3. ब्रह्मोस मिसाइल ऐसे तकनीक से लैस है जिससे ये हवा में ही मार्ग बदल सकती है और चलते फिरते लक्ष्य को भी भेद सकती है। मेनुवरेबल तकनीक से लैस यह मिसाइल हवा में ही दुश्मन का पीछा कर के उसे तबाह कर सकती है।

4. इस मिसाइल कि मारक क्षमता 290 किलोमीटर है। इस दायरे में आने वाले सभी लक्ष्य को ये तहस-नहस करने में सक्षम है।

5. यह जमीन से 5 से 10 मीटर की ऊँचाई पर उड़ान भर सकने में सक्षम है जिस वजह से यह दुश्मन के रडार में आये बिना लक्ष्य को भेद सकती है, इसकी तेज गति और काम उचाई पर उड़ने की यह खूबी इसे एक बेहतरीन स्टील्थ (न पकड़ में आने वाली) मिसाइल बनती है.

6. ब्रह्मोस गति के मामले में अपने दुश्मनो से कही तेज साबित होती है, इसकी प्रति सेकंड 1 किलोमीटर की तुलना में चीन की मिसाइल की गति मात्र 200 मीटर प्रति सेकेंड ही है।

7. यह मिसाइल रैमजेट तकनीक से ऊर्जा प्राप्त करती है जोकि एक बेहद ही उन्नत तकनीक है, इस तकनीक में मिसाइल का इंजन हवा को अंदर खींच कर उसे तेजी से बहार फेकता है जिससे मिसाइल की गति काफी तेज हो जाती है

8. ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की पहली और एकमात्र सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसे नौसैनिक प्लेटफार्म से लंबवत और झुकी हुई दोनों अवस्था में प्रक्षेपित किया जा सकता है।

जैसा की हम ये जानते है जब बात मिसाइल कि आती ही तो कुछ अंतराष्ट्रीय मानकों का पालन करना जरूरी हो जाता है। ऐसे ही एक संस्था है MTCR (मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजीम) जो कि विश्व में मिसाइल टेक्नोलॉजी हस्तानांतरण की निगरानी करती है। MTCR का सदश्य देश गैर सदस्य देश को 300 किलोमीटर से ज्यादा की मिसाइल टेक्नोलॉजी पर सहायता नहीं कर सकता।

आप को बता दें भारत अभी पिछले सालों में ही में इस संस्था का हिस्सा बना है यही वजह है भारत, रूस के साथ विकसित की ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता को चाह कर भी 300 किलोमीटर से ज्यादा नहीं कर सकता था। पर जैसा अब भारत भी MTCR का सद्श्य देश है वह अब अधिक मारक क्षमता वाली मिसाइल पर रूस के साथ काम कर सकता है।

अपनी सामरिक और सुरक्षा परिस्थिति को भांपते हुए भारत अब ब्रह्मोस का एडवांस वर्सन बनाने पर काम कर रहा है, जोकि सम्भवता 2020 तक तैयार हो जायेगा। इस मिसाइल को ब्रह्मोस-II या ब्रह्मोस-2 या ब्रह्मोस मार्क-2 नाम से जाना जायेगा। हम आपको बता दे यह मिसाइल ब्रह्मोस का एडवांस वर्सन होगी जो कि ब्रह्मोस से हर मामले में दुगनी शक्तिशाली होगी… चलिए आप को इसकी कुछ महत्वपूर्ण खूबियों के बारे में भी बता देतें है।

1. सुपरसोनिक रफ़्तार वाली ब्रह्मोस की तुलना में ब्रह्मोस-2 की गति लगभग 2.5 गुना तेज होगी। मतलब यह हाइपरसोनिक (ध्वनि की गति से ५ गुना तेज़) गति से, मतलब मैक 7, यानि 8,575 किलोमीटर प्रति घंटा या कह ले 2.382 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से उड़ सकेगी।

2. ब्रह्मोस की गति के अलावा इसके मारक क्षमता को भी बढ़ा कर दोगुना किया जा रहा है मतलब यह अब 290 के मुकाबले 600 किलोमीटर तक वार कर सकेगी।

3. इसकी गति, मारक क्षमता और सटीकता को बढ़ने के लिए ब्रह्मोस के डिज़ाइन में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किये गए जिससे ये ब्रह्मोस से हलकी, छोटी और अधिक तेज होगी। पूर्णतयः बन कर तैयार होने पर यह दुनिया की सबसे तेज हाइपरसोनिक (ध्वनि की गति से ५ गुना तेज़) मिसाइल होगी।

4. इसे भी ब्रह्मोस के जैसे जल, थल व वायु तीनों जगहों से प्रयोग में लाया जा सकेगा. इसकी मारक क्षमता को भी ब्रह्मोस से बेहतर किया जा रहा है।

5. आप को बता दें ब्रह्मोस मार्क-2 को बनाने वाली कंपनी ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने इसे भारत के राष्ट्रपति की याद में इसे ब्रह्मोस मार्क-2(K) का नाम दिया है।

 

 

 

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